साधक साधना में उपयोग की सामग्री (नैवेद्य, भोग) तथा अपना भोजन स्वयं तैयार करें। शनि, कालसर्प, मंगलदोष, पितृदोष एक झटके में खत्म, बस शर्त ये हैं ब्रह्मचर्य व्रत का पूर्ण रूप से पालन करें। अपने गुरु एवं परमात्मा पर पूर्ण विश्वास और श्रद्धा रखें। ॐ काला भैरू, कपिला केश। काना https://augustinea689xus8.wikicarrier.com/user